कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय आईटीआई रामपुर का किया निरीक्षण-व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार के निर्देश

कोरबा, 23 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने आज शासकीय आईटीआई रामपुर का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था और व्यावहारिक प्रशिक्षण की स्थिति का गहन मूल्यांकन किया। कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण कमियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सुधार सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। 

निरीक्षण की शुरुआत लाइब्रेरी से हुई, जहां पुस्तकों की अत्यंत अव्यवस्थित स्थिति, पुरानी सामग्री की अनावश्यक ढेर और स्टॉक के अभावपूर्ण संधारण पर कलेक्टर ने गंभीर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिया कि लाइब्रेरी को तत्काल सुव्यवस्थित किया जाए तथा अनुपयोगी सामग्री को शासन के नियमों के अनुसार स्क्रैप में निस्तारित किया जाए। इसी क्रम में कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं की उपस्थिति रजिस्टर तथा अन्य प्रशासनिक अभिलेखों के संधारण में भी अनियमितता पाई गई। प्राचार्य द्वारा उपस्थिति संबंधी विस्तृत जानकारी उपलब्ध न कराने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और अभिलेखों को सुव्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के निरीक्षण में यह पाया गया कि स्वीकृत 20 प्रशिक्षुओं के विरुद्ध केवल 3 प्रशिक्षु प्रशिक्षण कक्षाओं में उपस्थित थे। इसके साथ ही लैब की महत्वपूर्ण मशीनरी-जैसे अल्टरनेटर, स्टार्टर एवं अन्य उपकरण बीते दो वर्षों से खराब पड़ी थी। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी दोषपूर्ण उपकरणों की मरम्मत आगामी पाँच दिवस के भीतर पूर्ण कर कक्षाओं के नियमित संचालन को सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने लोक निर्माण विभाग कोरबा द्वारा संचालित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा कराने पर भी जोर दिया।

स्टेनो हिंदी एवं इंग्लिश ट्रेड के निरीक्षण में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान यह तथ्य सामने आया कि उपलब्ध कंप्यूटरों की संख्या प्रशिक्षुओं की तुलना में कम है, जिससे प्रैक्टिकल प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने लैब की आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त कंप्यूटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व में पास आउट विद्यार्थियों की ट्रैकिंग प्रणाली को भी मजबूत बनाने तथा वर्तमान प्रशिक्षुओं को जिले के विभिन्न पीएसयूस में प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु ठोस कदम उठाने को कहा।
स्टॉक रजिस्टर के संधारण को भी असंतोषजनक पाया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि आगामी 15 दिनों के भीतर सभी स्टॉक अभिलेखों को अद्यतन और व्यवस्थित रूप से संधारित किया जाए। मैकेनिकल ड्राफ्ट्समैन ट्रेड में भी निरीक्षण के दौरान छात्रों ने ऑटो सीएडी/सीएएम लैब की आवश्यकता बताई, जिसे कलेक्टर ने उचित मानते हुए जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए।

मोटर मैकेनिक लैब में कलेक्टर ने प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं से संवाद कर उनके कौशल, प्रशिक्षण की स्थिति और करियर संबंधी प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि पासआउट विद्यार्थियों की ट्रैकिंग की जाए तथा जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से समन्वय कर उन्हें सीधे नियोजन से जोड़ा जाए। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं के ड्राइविंग लाइसेंस हेतु परिवहन अधिकारी के सहयोग से विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश भी दिया गया।

निरीक्षण के अंतिम चरण में कलेक्टर ने मशीनिंग लैब का अवलोकन किया। लेथ मशीन,शेपर,प्लानर सहित अन्य सभी मशीनों के रख-रखाव की स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सभी मशीनें पूरी तरह क्रियाशील अवस्था में रहनी चाहिए और किसी भी मशीन में खराबी आने पर उसे एक सप्ताह के भीतर ठीक कर पुनः संचालन में लाया जाए।

कलेक्टर श्री दुदावत ने पूरे निरीक्षण के दौरान इस बात पर भरोसा दिलाया कि आईटीआई जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता सुधार जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और रोजगार-सृजन के लिए प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यशीलता, उपकरणों की उपलब्धता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सर्वोपरि है, इसलिए प्रत्येक कमियां समयसीमा में दूर की जाए।

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