मातृभाषा से जुड़ाव का सशक्त अभियान : आंध्रा समाज बिलासपुर द्वारा तेलुगु भाषा प्रशिक्षण का अभिनव आयोजन

बिलासपुर/यु मुरली राव – वैश्वीकरण और आधुनिकता के इस दौर में जहां नई पीढ़ी धीरे-धीरे अपनी मातृभाषाओं और सांस्कृतिक जड़ों से दूर होती जा रही है, वहीं आंध्रा समाज बिलासपुर द्वारा तेलुगु भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक पहल की गई है।आंध्रा समाज बिलासपुर के तत्वावधान में दिनांक 5 मई 2026 से 6 जून 2026 तक तेलुगु भाषा अक्षर ज्ञान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आंध्रा समाज कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिलासपुर में हो रहा है।इस विशेष प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों, युवाओं तथा तेलुगु भाषा सीखने के इच्छुक सभी लोगों को तेलुगु भाषा का प्रारंभिक ज्ञान प्रदान करना है, ताकि वे अपनी मातृभाषा को पढ़ना, लिखना एवं समझना सीख सकें।

प्रशिक्षण कार्य विद्यालय की अनुभवी शिक्षिका श्रीमती आर. वरलक्ष्मी के मार्गदर्शन में अत्यंत व्यवस्थित एवं सरल पद्धति से संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से केवल भाषा शिक्षण ही नहीं, बल्कि तेलुगु संस्कृति, परंपराओं माजिक मूल्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मातृभाषा व्यक्ति की भावनात्मक अभिव्यक्ति, पारिवारिक संस्कार और सांस्कृतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण आधार होती है। ऐसे में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आज के डिजिटल युग में जहां अंग्रेजी और अन्य भाषाओं का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, वहीं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण हेतु इस प्रकार की पहल समाज के लिए प्रेरणा का कार्य करती है। आंध्रा समाज का यह प्रयास न केवल तेलुगु समुदाय बल्कि समस्त समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि अपनी भाषा और संस्कृति को जीवित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

संस्था ने अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इस प्रशिक्षण से जुड़ने की अपील की है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक विरासत से सदैव जुड़ी रहती है।

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