
लगातार हो रही घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
कोरबा-कटघोरा मार्ग पर शनिवार को सुबह एक एसयूवी 700 फोरव्हीलर अचानक आग की लपटों की चपेट में आ गई। इससे पहले कि मामला और आगे बढ़ता, कार सवार तीन लोगों ने खुद को बचा लिया। सूचना मिलने पर सीएसईबी कोरबा वेस्ट की दमकल यहां पहुंची और आगजनी को नियंत्रित किया। लेकिन मौके पर बचाने लायक कुछ शेष नहीं था।
आज सुबह 10 बजे के आसपास दर्री पुलिस थाना क्षेत्रांतर्गत कटघोरा मुख्य मार्ग पर जैलगांव क्षेत्र में यह घटना हुई। खबर के अनुसार कोरबा के डेंटल सर्जन डॉ. विवेक रंजन महतो अपने दो साथियों सहित एसयूवी-700 से कटघोरा की तरफ जा रहे थे। जैलगांव क्रॉस होने से पहले ही अचानक उनकी गाड़ी में आग लग गई। इसका पता चलने पर डॉक्टर और उनके दो अन्य साथी फौरन बाहर निकल गए। उन्होंने देखा कि इसके साथ वाहन को आग की लपटों ने बुरी तरह से घेर लिया। आनन-फानन में आपदा प्रबंधन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। कुछ देर के बाद 840 मेगावाट वाली सीएसईबी की बिजली परियोजना से दमकल यहां पहुंची। कर्मियों ने आवश्यक संसाधन के साथ अग्नि पर नियंत्रण का प्रयास किया। इस समय तक वाहन जलकर स्वाहा हो गया था। इस घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर किया है कि आखिर आवागमन के लिए कौन सा विकल्प उपयुक्त हो सकता है।
निर्माण संबंधी खामिया
ऑटोमोबाइल सेक्टर के जानकार कहते हैं कि इस तरह की घटनाएं गर्मी के मौसम में ज्यादा होती है। कई बार भीतर की वायरिंग के शॉर्ट होने के कारण ऐसा होता है। कुछ मामलों में मैन्युफेक्चरिंग इफेक्ट से भी आग लग जाती है। दूसरे और क्या कारण हो सकते हैं, यह रिसर्च का विषय है।
