
कोरबा। जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण शुरू होने के साथ ही वन्यप्राणियों के हमले की घटना भी सामने आने लगी है। जहां कोरबा वनमंडल में भालूओं के हमले से युवक व किशोरी घायल हुए। वहीं कटघोरा वनमंडल में जंगली सुअर व भालू ने महिला सहित तीन ग्रामीणों को घायल किया है। जिससे ग्रामीण अंचल में दहशत व्याप्त है। बताया जा रहा है कि कटघोरा वनमंडल के जटगा वनपरिक्षेत्र में बीते कुछ दिनों से तेंदूपत्ता संग्रहण किया जा रहा है। इसके लिए शनिवार की सुबह ग्राम पंचायत अमलडीहा के आश्रित ग्राम कचोरा पारा के ग्रामीण भी जंगल की ओर गए हुए थे। ग्रामीण तेंदूपत्ता तोड़ने में मशगूल थे। इसी दौरान झाड़ियों के बीच से निकले जंगली सुअर ने रामकुंवर नामक महिला पर हमला कर दिया। वह अपने बचाव के लिए शोर मचाने लगी। महिला का आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह जंगली सुअर को जंगल की ओर खदेड़ा। घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। उसे इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तुमान दाखिल कराया गया। घटना की सूचना मिलने पर तुमान डिप्टी रेंजर अस्पताल पहुंची। उन्होंने पीड़िता को विभागीय नियमानुसार तत्कालिक सहायता राशि प्रदान किया है। इसी तरह दूसरी घटना बरहापाल मुकुवा की है। यहां रहने वाला पवन सिंह व मोतीराम गोंड़ तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल गए थे। वे दोनों तेंदूपत्ता तोड़ रहे थे। इसी बीच भालू ने उन पर हमला कर दिया। ग्रामीण भालू के हमले से बचने मशक्कत करते रहे, लेकिन वे हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने ललकारते हुए भालू को जंगल की ओर खदेड़ा। ग्रामीणों ने हादसे में घायल पवन सिंह व मोतीराम को इलाज के लिए अस्पताल दाखिल करा दिया है। ग्रामीणों की कहना है कि तेंदूपत्ता सीजन के शुरू होते ही जंगलों में ग्रामीणों की आवाजाही शुरू हो जाती है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होते। वन्यप्राणी सामना होते ही हमला कर देते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
