
बिलासपुर/यु मुरली राव – केंद्रीय विद्यालय सीआरपीएफ बिलासपुर में दिनांक 19 मई से 26 मई तक भारतीय भाषा समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह केवल एक शैक्षणिक गतिविधि ही नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव की तरह भी मनाया जा रहा है।इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य रमाकांत कौशिक ने कहा कि भारतीय संस्कृति में भाषाओं का विशेष स्थान है। भारत विविधताओं का देश है, और यहाँ की भाषाई विविधता इसकी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इसी भावना को प्रोत्साहित करने हेतु विद्यालय में “भारतीय भाषा समर कैंप” का आयोजन किया जा रहा है।विदित हो कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप इसे आयोजित किया जा रहा है।इस समर कैंप का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की विभिन्न भाषाओं से परिचित कराना, भाषाई विविधता का सम्मान करना, और भाषाओं के माध्यम से सांस्कृतिक एकता को प्रोत्साहित करना है।समर कैंप में विद्यार्थियों ने उड़िया संस्कृत और बांग्ला भाषा की मूलभूत जानकारी दी जा रही है। प्रत्येक भाषा के लिए अलग-अलग सत्र रखे जा रहे हैं, जिनमें उस भाषा की लिपि, उच्चारण, सामान्य शब्दावली का अभ्यास कराया जा रहा है।

कक्षा सातवीं के वैभव प्रसाद एवं पांचवीं की राशि ने अपनी मनमोहक चित्रकला से भाषाई विविधता में एकता को प्रस्तुत किया।विद्यार्थियों ने इस कैंप में उत्साहपूर्वक भाग लिया और नई भाषाओं को सीखने में गहरी रुचि दिखाई। प्रतिभागी छात्रों ने बताया कि यह उनके लिए एक अद्वितीय अनुभव है। यह न केवल शैक्षणिक बल्कि सांस्कृतिक विकास का भी माध्यम सिद्ध हो रहा है।कार्यक्रम समन्वयक सुनील पाण्डेय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन निश्चय ही विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता एवं वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को सुदृढ एवं विकसित करते हैं।अंत में संगणक शिक्षक विजय सोनी ने सबका धन्यवाद ज्ञापन एवं आभार प्रदर्शन किया।
