
आयुक्त आशुतोष पाण्डेय का कड़ा एक्शन: एक साल तक निगम की निविदाओं में नहीं ले सकेगा हिस्सा, अमानत राशि भी राजसात
कोरबा, 03 सितंबर 2026। नगर पालिक निगम कोरबा में निर्माण कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने प्राथमिक शाला डुमरमुड़ा के अधूरे भवन निर्माण कार्य को लेकर ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। निगम ने मेसर्स सौमक गोस्वामी, साडा कॉलोनी जमनीपाली, कोरबा को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करते हुए निगम की निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है।
इतना ही नहीं, ठेकेदार द्वारा निविदा के दौरान जमा की गई अमानत राशि को ब्याज सहित राजसात कर लिया गया है। वहीं, बचे हुए कार्य की 10 प्रतिशत क्षतिपूर्ति राशि ठेकेदार के अन्य बिल, उपलब्ध सुरक्षा राशि, परफॉर्मेंस गारंटी अथवा अन्य मद से वसूल की जाएगी।
जनवरी 2026 तक पूरा होना था काम
नगर निगम द्वारा वार्ड क्रमांक 54 जमनीपाली अंतर्गत प्राथमिक शाला डुमरमुड़ा में नवीन भवन निर्माण का ठेका मेसर्स सौमक गोस्वामी को दिया गया था। निर्माण कार्य पूरा करने की निर्धारित समय-सीमा जनवरी 2026 थी, लेकिन ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया।
निगम की ओर से बार-बार निर्देश और पत्र जारी किए जाने के बावजूद ठेकेदार ने अधूरे कार्य को दोबारा शुरू नहीं किया। इसके बाद निगम ने ठेकेदार को अंतिम नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, लेकिन निर्धारित अवधि में भी कोई जवाब नहीं दिया गया।
लापरवाही पर आयुक्त का सख्त रुख
ठेकेदार की लगातार उदासीनता और निर्माण कार्य पूरा करने में बरती गई लापरवाही को आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए ठेकेदार को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया।
आयुक्त की इस कार्रवाई को निगम क्षेत्र में विकास एवं निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूरा कराने की दिशा में कड़ा प्रशासनिक संदेश माना जा रहा है।
लापरवाह ठेकेदारों पर आगे भी होगी कार्रवाई
आयुक्त श्री पाण्डेय ने स्पष्ट किया है कि शहर विकास और निर्माण कार्यों में लापरवाही, उदासीनता तथा निर्धारित समय पर कार्य पूरा नहीं करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निगम के जोन कमिश्नरों एवं अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि बार-बार नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं करने या अधूरे कार्यों को लंबित रखने वाले ठेकेदारों के खिलाफ ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई तत्काल प्रस्तावित की जाए।
इस कार्रवाई से निगम के निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों में हड़कंप मचने के साथ ही यह संदेश गया है कि सरकारी निर्माण कार्यों में मनमानी और लापरवाही अब भारी पड़ेगी।





