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नन्हीं शान्वी ने कथक में लहराया कोरबा का परचम, राष्ट्रीय मंच पर मिला उत्कृष्ट सम्मान

कक्षा दूसरी की छात्रा, लेकिन मंच पर दिखाया शानदार हुनर—‘राष्ट्रीय प्रणवम् महोत्सव 2026’ में राष्ट्रीय उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित

कोरबा, 3 सितंबर 2026।  कक्षा दूसरी की छात्रा, लेकिन हुनर ऐसा कि राष्ट्रीय मंच पर कोरबा का नाम रोशन कर दिया। डीडीएम स्कूल, साडा जमनीपाली की नन्हीं छात्रा शान्वी चतुर्वेदी ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक में अपनी शानदार प्रस्तुति से सबका ध्यान खींचते हुए राष्ट्रीय प्रणवम् महोत्सव 2026 में राष्ट्रीय उत्कृष्ट पुरस्कार हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके स्कूल और परिवार, बल्कि पूरे कोरबा जिले को गौरवान्वित किया है।

राष्ट्रीय मंच पर बिखेरा कथक का जादू

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 29 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय गायन, वादन एवं नृत्य फेस्टिवल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स में देशभर से प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसी प्रतिष्ठित आयोजन में शान्वी ने कथक नृत्य की प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

शान्वी की प्रस्तुति में कथक की पारंपरिक तकनीक, भाव, ताल, लय और नृत्य- अभिव्यक्ति का शानदार समन्वय देखने को मिला। बेहद कम उम्र में मंच पर उनकी आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को प्रभावित किया। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय उत्कृष्ट पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।

तीन साल से कर रहीं कथक की कठिन साधना

शान्वी की इस सफलता के पीछे उनकी निरंतर साधना और अनुशासन की बड़ी भूमिका है। वह अंतरराष्ट्रीय तबला वादक एवं कथक नृत्य गुरु पंडित मोरध्वज वैष्णव के मार्गदर्शन में पिछले तीन वर्षों से कथक का प्रशिक्षण ले रही हैं।

वह रायगढ़ एवं लखनऊ घराने की कथक नृत्य परंपरा का गहन अभ्यास कर रही हैं। इतनी छोटी उम्र में शास्त्रीय नृत्य के प्रति उनकी लगन, नियमित अभ्यास और मंचीय प्रस्तुतियों ने उन्हें एक उभरती हुई बाल कथक कलाकार के रूप में पहचान दिलानी शुरू कर दी है।

माता-पिता बोले—बेटी की मेहनत का परिणाम

शान्वी के पिता अनूप चतुर्वेदी एवं माता संध्या चतुर्वेदी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी बेटी की कड़ी मेहनत, लगन और नियमित अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने अपनी बेटी की सफलता का श्रेय गुरु के सतत मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को भी दिया।

उन्होंने कहा कि शान्वी भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार अभ्यास और साधना कर रही हैं।

कोरबा में खुशी की लहर

राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के बाद कोरबा के कला प्रेमियों, शुभचिंतकों और परिजनों में खुशी का माहौल है। सभी ने नन्हीं शान्वी को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

छोटी उम्र, बड़ी उपलब्धि और कथक के प्रति गहरी साधना—शान्वी की यह सफलता आने वाले दिनों में कोरबा को एक नई बाल कलाकार की पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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