
नईदिल्ली, 0३ अप्रैल ।
इस राज्य से मेरा कनेक्शन पिछले 25 सालों से है… और इसकी मिट्टी ने एल्युमिनियम जैसे ग्रीन मेटल को धरती का सफेद सोना बना दिया है। यह कहना है दिग्गज कारोबारी और वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का। उत्कल दिवस के खास मौके पर अग्रवाल ने ओडिशा के साथ अपने ढाई दशक पुराने अटूट रिश्ते को याद करते हुए राज्य की प्रगति की जमकर सराहना की। उन्होंने साफ कहा कि ओडिशा सिर्फ एक निवेश गंतव्य नहीं, बल्कि उनके दिल के करीब है।अनिल अग्रवाल ने बताया कि वेदांता समूह ने अब तक ओडिशा में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश किया है। खासतौर पर कालाहांडी और झारसुगुड़ा जैसे इलाकों में, जहां कभी विकास की लहर पहुंचना मुश्किल माना जाता था, आज वहां औद्योगिक क्रांति दिख रही है। अनिल अग्रवाल के मुताबिक, हमने सिर्फ फैक्ट्री नहीं लगाई, बल्कि लोगों की जिंदगी बदलने की कोशिश की है। ओडिशा का एल्युमिनियम आज दुनिया भर में अपनी चमक बिखेर रहा है। इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू महिला सशक्तिकरण है। अग्रवाल ने गर्व से साझा किया कि ओडिशा में उनकी एल्युमिनियम फैक्ट्री का संचालन स्थानीय महिलाएं कर रही हैं। यह न केवल राज्य की बदलती सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को दर्शाता है, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल है कि अगर मौका मिले तो बेटियां भारी उद्योग को भी बखूबी संभाल सकती हैं।ओडिशा से अपने जुड़ाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से उनका इस राज्य से गहरा कनेक्शन है। वे कालाहांडी और झारसुगुड़ा की गलियों से लेकर वहां की संस्कृति तक को करीब से जानते हैं। उन्होंने ओडिशा के समुद्री तटों, बंदरगाहों और जगन्नाथ रथ यात्रा के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की।जगन्नाथ की भूमि, संस्कृति की गरिमा, और अपार संभावनाएं – यही हमारे ओडिशा की पहचान है। मेरी हमेशा यही प्रार्थना है कि यह पावन भूमि अपनी पूरी क्षमता तक पहुँचे और विकास और समृद्धि की नई ऊँचाइयों को छुए। अग्रवाल ने कहा कि ओडिशा के लोगों का सादगी भरा और मेहनती स्वभाव ही इस राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने आगे कहा कि वह केवल मौजूदा निवेश पर रुकना नहीं चाहते।
उन्होंने ओडिशा के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया है: उनका मानना है कि ओडिशा में विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटीज बनने की अपार संभावनाएं हैं, जो दुनिया भर के छात्रों को आकर्षित करेंगी। अग्रवाल का सपना है कि ओडिशा में एल्युमिनियम से जुड़ी हजारों छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां खुलें, जिससे राज्य ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बन सके।पर्यटन: राज्य के पास मौजूद विशाल समुद्र तट और समृद्ध विरासत को देखते हुए उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में भी जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद जताई। अनिल अग्रवाल का कहना है कि ओडिशा अब सिर्फ बिजनेस का हिस्सा नहीं, बल्कि उनके विकसित भारत के सपने का केंद्र बिंदु बन चुका है। ग्रीन मेटल के जरिए वे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं।
