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गैस संकट के बीच CG सरकार का बड़ा फैसला… शहर में 1 लीटर, गांव में 2 लीटर केरोसिन मिलेगा

रायपुर। तेल और गैस संकट के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के राशनकार्डधारियों को बड़ी राहत दी है। अप्रैल माह में राशन दुकानों के माध्यम से मिट्टी तेल (केरोसिन) का वितरण किया जाएगा।

सरकार के इस फैसले से हजारों जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन इलाकों में जहां आज भी घरेलू उपयोग के लिए मिट्टी तेल की जरूरत बनी हुई है।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग मात्रा तय

खाद्य विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार:- शहरी क्षेत्रों में प्रति राशनकार्ड अधिकतम 1 लीटर केरोसिन- ग्रामीण क्षेत्रों (अनुसूचित एवं गैर-अनुसूचित) में प्रति राशनकार्ड अधिकतम 2 लीटर केरोसिनवितरित किया जाएगा।

अप्रैल माह के लिए 528 किलोलीटर केरोसिन आबंटित: खाद्य विभाग ने केंद्र सरकार से प्राप्त प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) के कोटे में से 528 किलोलीटर केरोसिन अप्रैल माह के लिए राशनकार्डधारियों हेतु आबंटित किया है।

राज्य शासन ने सभी जिलों में समय-सीमा के भीतर इसका उठाव और वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टरों को सख्त निर्देश: राज्य सरकार ने सभी कलेक्टरों से कहा है कि:-

केरोसिन का समय पर उठाव सुनिश्चित करें

राशन दुकानों में उपलब्धता बनी रहे

किसी भी क्षेत्र में कमी की स्थिति न बने

जरूरत वाले क्षेत्रों में स्टॉक का पुनः आबंटन किया जाए

जिन राशन दुकानों में केरोसिन की मांग कम होगी, वहां बचा हुआ स्टॉक जरूरत वाली दुकानों में भेजा जाएगा, ताकि सभी पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ मिल सके।

30 अप्रैल तक उठाव अनिवार्यअप्रैल माह के लिए आबंटित केरोसिन का उठाव 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से करना होगा।साथ ही, ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे लैप्स कोटा की जानकारी 30 अप्रैल तक खाद्य विभाग को उपलब्ध कराएं।

इन जिलों को मिला सबसे ज्यादा कोटा

खाद्य विभाग के अनुसार:- बिलासपुर जिले को सर्वाधिक 36 किलोलीटर केरोसिन- बस्तर, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, दुर्ग, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, रायपुर और जशपुर को 24-24 किलोलीटर-

राज्य के अन्य शेष जिलों को 12-12 किलोलीटर केरोसिन आबंटित किया गया है।जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत:सरकार का यह निर्णय खासतौर पर उन परिवारों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, जो अब भी दैनिक उपयोग के लिए मिट्टी तेल पर निर्भर हैं। अप्रैल माह में राशन दुकानों के माध्यम से केरोसिन वितरण का यह कदम जनहित और राहत दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है

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