
कोरबा, 17 जुलाई। दादरखुर्द बस्ती में आवारा कुत्तों के हमले में मासूम बच्चे की मौत के बाद नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत जी एवं निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय जी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी, गहरी संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत जी ने मृतक बच्चे के पिता को निगम की ओर से 1 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि का चेक प्रदान किया।गौरतलब है कि गुरुवार को दादरखुर्द बस्ती में आवारा कुत्तों के झुंड ने मासूम प्रकाश पटेल पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल बच्चे को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक का परिवार मूल रूप से जांजगीर-चांपा जिले के मोहतरा गांव का निवासी है और वर्तमान में दादरखुर्द में रहकर मजदूरी करता है।परिजनों के अनुसार, घटना के समय बच्चे के माता-पिता पास में ही मजदूरी कर रहे थे। बच्चा घर की ओर जा रहा था, तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेरकर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत जी ने कहा कि इस दुख की घड़ी में नगर निगम पूरी तरह परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने मृतक के पिता किशोर पटेल को 1 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपते हुए भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वार्ड पार्षद श्रीमती सुनीता चौहान जी एवं मंडल अध्यक्ष श्री राजेश राठौर जी भी उपस्थित रहे।घटना के बाद महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत जी और आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय जी के निर्देश पर नगर निगम ने आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष महाअभियान शुरू कर दिया है। शुक्रवार को करीब 22 आवारा कुत्तों को पकड़कर डॉग हाउस भेजा गया। निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय तिवारी जी ने बताया कि अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सक्ती जिले से भी डॉग स्क्वॉड टीम बुलाई गई है।महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत जी एवं आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय जी ने नागरिकों से छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ने, सावधानी बरतने तथा आवारा कुत्तों की जानकारी नगर निगम को देने की अपील की है। आयुक्त ने बताया कि अब तक नगर निगम द्वारा 1040 से अधिक आवारा कुत्तों का टीकाकरण और 425 कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है। साथ ही प्रगतिनगर दर्री में पशु जन्म नियंत्रण एवं बधियाकरण केंद्र का निर्माण भी पूरा हो चुका है, जहां आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
