कोरबा की रेल समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिली विकास समिति: 7 से 17 जून से प्रस्तावित ट्रेन रद्दीकरण के विरोध में DRM के साथ बैठक की मांग

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा में आगामी 7 जून से 17 जून तक अधिकांश यात्री रेलगाड़ियों के रद्द होने की संभावना को देखते हुए जन-आक्रोश पनपने लगा है। इस गंभीर मुद्दे और जिले की बदहाल रेल सुविधाओं को लेकर कोरबा विकास समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात की। समिति ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस विषय में तुरंत हस्तक्षेप करने और रेलवे प्रबंधन से बात करने का आग्रह किया है।

सीमित सुविधाओं के बीच नई कटौती से बढ़ेगी आमजन की मुसीबत

कलेक्टर से मुलाकात के दौरान समिति के सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कोरबा क्षेत्र से रेलवे को भारी राजस्व मिलता है, लेकिन इसके बावजूद यहाँ यात्री रेल सुविधाएं पहले से ही अत्यंत सीमित हैं। ऐसे में यदि जून महीने में 10 दिनों के लिए ट्रेनों का बड़ा रद्दीकरण होता है, तो इससे आम यात्रियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाएगा।

समिति ने बताया कि इस प्रस्तावित रद्दीकरण से सबसे ज्यादा प्रभावित ये वर्ग होंगे:

विद्यार्थी: नए सत्र के दाखिले और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बाहर जाने वाले छात्रों को साधन नहीं मिलेंगे।

मरीज: बिलासपुर, रायपुर या अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों पर निर्भर गंभीर मरीजों के लिए सफर करना मुश्किल हो जाएगा।

व्यापारी व नौकरीपेशा: रोजाना या साप्ताहिक सफर करने वाले कामकाजी लोगों और छोटे व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित होगा।

कलेक्टर की मौजूदगी में बिलासपुर DRM के साथ बैठक की माँग 

कोरबा विकास समिति ने इस बात पर जोर दिया कि

रेलवे द्वारा समय-समय पर की जाने वाली ट्रेनों की कटौती का अब स्थायी समाधान जरूरी है। इसके लिए समिति ने कलेक्टर से विशेष आग्रह किया है कि:

“कलेक्टर के नेतृत्व और उनकी उपस्थिति में बिलासपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के साथ एक शीघ्र बैठक बुलाई जाए। इस बैठक में जिला प्रशासन, रेलवे और जन-प्रतिनिधियों के बीच कोरबा की रेल समस्याओं तथा लगातार हो रही ट्रेन कटौती पर सीधी बात हो, ताकि यात्रियों को राहत देने वाला कोई प्रभावी समाधान निकल सके।”

कलेक्टर ने दिया उचित पहल का आश्वासन

कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल की चिंताओं को बेहद गंभीरता से सुना और स्वीकार किया कि रेल सुविधाओं की कमी से आम जनता को परेशानी हो रही है। उन्होंने समिति के सदस्यों को आश्वस्त किया कि वे अपने स्तर पर इस मामले में आवश्यक कदम उठाएंगे और कोरबा के नागरिकों के हित में जो भी सर्वोत्तम प्रयास संभव होगा, उसे अमल में लाएंगे।

उम्मीद और प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति

कोरबा विकास समिति ने आशा व्यक्त की है कि जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के इस संयुक्त प्रयास से कोई सकारात्मक रास्ता निकलेगा और प्रस्तावित रद्दीकरण के फैसले से आम जनता को राहत मिल सकेगी। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में समिति के प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें:

कमलेश यादव, मुरलीधर मखीजा, श्रीकांत बुधिया, हरीश परसाई, हितानंद अग्रवाल, योगेश जैन, नरेंद्र अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अंकित सावलानी, और अखिल अग्रवाल सहित अन्य सदस्य शामिल थे।

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