
कुम्हरता दोहरे हत्याकांड में दो दोषियों को उम्रकैद, 16 गवाह और 46 साक्ष्यों के आधार पर फैसलाअंबिकापुर। सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में हुए पति-पत्नी के दोहरे हत्याकांड में अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर की अदालत ने आरोपी करीमन मझवार और जय श्याम को हत्या का दोषी ठहराया। अदालत का फैसला 14 अगस्त 2026 को आया।मामला अक्टूबर 2025 का है। 22-23 अक्टूबर की दरमियानी रात कुम्हरता घाघी गांव में रीमा लकड़ा और उनकी पत्नी जुली लकड़ा उर्फ उर्मिला की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन दोनों के शव घर की परछी में मिले थे। जांच में घर से बकरियां गायब होने की जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस ने हत्या और चोरी के एंगल से जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस ने करीमन मझवार और जय श्याम को गिरफ्तार किया। आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर वारदात में इस्तेमाल टांगी बरामद की गई। पुलिस ने आरोपियों के कपड़े, घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए। इन साक्ष्यों को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया था।मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 16 गवाहों के बयान और 46 महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए। पुलिस की विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।मामले की विवेचना दरिमा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश खलखो ने की थी। पुलिस अधिकारियों ने अदालत के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए विवेचना टीम के कार्य की सराहना की है।





