
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज मामले में जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 17 महीने पुराने इस मामले में अदालत ने बच्ची के सगे चाचा को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत के फैसले के बाद मामले ने एक बार फिर लोगों का ध्यान खींचा है। यह मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
घटना नवरात्रि के दौरान की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार 6 वर्षीय बच्ची कन्या भोज के लिए पड़ोस में रहने वाली अपनी दादी के घर गई थी। इसके बाद वह अचानक लापता हो गई। काफी देर तक बच्ची के घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार और आसपास के लोगों ने काफी खोजबीन की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।
बच्ची के नहीं मिलने पर परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी और मोहन नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू करते हुए आसपास के इलाकों और संभावित स्थानों पर जांच की।
इसी दौरान पड़ोस में खड़ी एक कार से बच्ची का शव बरामद हुआ। बच्ची का शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश का माहौल बन गया। घटना से नाराज लोगों ने कार में तोड़फोड़ की और आगजनी भी की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।जांच के दौरान पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या और दुष्कर्म के मामले में जांच आगे बढ़ाई और बच्ची के चाचा की भूमिका सामने आने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की।
पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। इसके बाद मामले की सुनवाई जिला न्यायालय में चली। करीब 17 महीने बाद अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी चाचा को दोषी करार दिया और उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई।
अदालत का यह फैसला मासूम बच्ची के साथ हुए गंभीर अपराध के मामले में आया है। घटना के बाद से ही आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही थी। अब न्यायालय द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को मामले में महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला माना जा रहा है।





