

वैकल्पिक रास्ता निकालने सत्ता से प्रशासन तक गुहार, सुनवाई पर संशय के बादल
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कोरबा। पावर हाउस रोड नहर पुल से राताखार की ओर जाने वाले बाईपास मार्ग (चर्चित दुबई रोड) में नवनिर्मित मल्टीलेवल पार्किंग के निकट चौपाटी सहित अन्य योजनाओं को मूर्त रूप देने की कवायद शुरू हो गई है। नगर पालिक निगम के द्वारा पावर हाउस रोड नहर के समीप जल संसाधन विभाग के नहर व नहर के पास स्थित भूमि पर मल्टी लेवल कार पार्किंग के साथ-साथ फुट मॉर्केट, चौपाटी व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर का निमाण प्रस्तावित है। उक्त वर्णित भूमि कुल ख.नं. 24, कुल रकबा 5.52 ए. का सीमांकन के समय सभी 22 व्यापारियों को मय दस्तावेज उपस्थित होने कहा गया था।
जल संसाधन विभाग (नहर) की सरकारी जमीन का चिन्हांकन के लिए सीमांकन की प्रक्रिया आज बुधवार को आपत्ति और पूर्व से जारी व्यापारिक नुकसान के भय को लेकर व्याप्त आशंकाओं के बीच प्रारम्भ की गई। राजस्व अमला यहां पहुंचा और जैसे ही टेप निकालकर नाप जोख शुरू की गई, व्यापारियों ने यहां पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इन्होंने व्यवसायगत होने वाले नुकसान का हवाला देते हुए अपनी बातें रखी।
न्यायालय में लंबित का हवाला काम न आया
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नायब तहसीलदार व राजस्व टीम को व्यापारियों के द्वारा यह भी अवगत कराया कि इस क्षेत्र के सीमांकन का मामला न्यायालय में भी लंबित है। नायब तहसीलदार ने इन्हें बताया कि वर्तमान में हो रहे सीमांकन को लेकर किसी भी तरह का स्टे नहीं है, इसलिए राजस्व अधिकारियों की कार्यवाही को रोका नहीं जा सकता।
चौपट हो जाएगा व्यवसाय
उपस्थित व्यापारियों ने निर्माण के कारण भविष्य में अपने संभावित नुकसान को देखते हुए अपनी बात रखी। इसके साथ ही चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने पूर्व में मंत्री लखन लाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत और निगम आयुक्त अशुतोष पांडेय को पत्र लिखकर रास्ता निकालने का आग्रह जरूर किया, किंतु उस पर कोई राहत मिलती नजर नहीं आई।
स्थल परिवर्तन का आग्रह, सुझाव भी दिए चेम्बर ने
मल्टीलेवल पार्किंग के समीप व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सामने प्रस्तावित चौपाटी निर्माण पर आपत्ति एवं स्थल परिवर्तन हेतु चेम्बर ने पत्र लिखे हैं। कहा गया है कि प्रभावित सभी 22 व्यापारी मल्टीलेवल पार्किंग के आसपास लंबे समय से अनेक व्यापारी अपने व्यवसाय का संचालन कर रहे हैं। उक्त क्षेत्र में व्यापारियों की दुकानों के सामने चौपाटी विकसित किए जाने की प्रस्तावित योजना से स्थानीय व्यापारियों में गंभीर चिंता एवं असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई है।
दुकानों के सामने चौपाटी संचालित होने से ग्राहकों के आवागमन एवं दुकानों तक पहुंच प्रभावित होने, सड़क एवं पार्किंग व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने, भीड़भाड़ एवं यातायात की समस्या बढ़ने तथा स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन से संबंधित समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका है। साथ ही, वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे व्यापारियों के व्यापारिक हित भी प्रभावित हो सकते हैं। हम विकास एवं शहर के सौंदर्गीकरण के विरोधी नहीं हैं। हमारी मांग केवल इतनी है कि चौपाटी के लिए ऐसा वैकल्पिक स्थान निर्धारित किया जाए, जहां व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं नियमित व्यवसायिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इन सभी से विनम्र आग्रह किया गया है कि मल्टीलेवल पार्किंग के समीप व्यापारियों की दुकानों के सामने चौपाटी निर्माण की प्रस्तावित योजना पर पुनर्विचार कर स्थल परिवर्तन हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान करने की कृपा करें। व्यापारियों के हित एवं शहर की सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा हैं।





