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मानसून की मेहरबानी से महानदी परियोजना के बांध लबालब

 गंगरेल में 74% से अधिक जलभराव

​धमतरी के चारों प्रमुख जलाशयों में पानी की भारी आवक; सिंचाई और पेयजल का संकट टला

​रायपुर,10 जुलाई 2026./ छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून की झमाझम बारिश से महानदी परियोजना (MRP कॉम्प्लेक्स) के जलाशयों के दिन बहुर गए हैं। धमतरी जिले में स्थित प्रदेश के लाइफ-लाइन माने जाने वाले गंगरेल (रविशंकर सागर), मुरूमसिल्ली, दूधावा और सोंढूर बांध में लगातार हो रही भारी वर्षा से जलस्तर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बांधों में पानी की इस बंपर आवक से न सिर्फ किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, बल्कि राजधानी रायपुर सहित कई शहरों के लिए पेयजल की चिंता भी पूरी तरह दूर हो गई है।

​जल संसाधन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चारों प्रमुख जलाशयों में कैचमेंट एरिया से लगातार पानी आ रहा है।

प्रमुख जलाशयों की वर्तमान स्थिति पर एक नज़र

​गंगरेल बांध अर्थात् रविशंकर सागर बांध का पूर्ण जलभराव स्तर (FRL) 347.75 मीटर है, जिसके मुकाबले जलस्तर 343.75 मीटर तक पहुंच चुका है। वर्तमान में इसमें 399.81 मिलियन घनमीटर (लगभग 74.68 प्रतिशत) उपयोगी जल (लाइव स्टोरेज) जमा हो चुका है। बीते 24 घंटों से बांध में पानी की रफ्तार तेज बनी हुई है।

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