
क्षेत्र के मजदूरों के लिए रोजी-रोटी की छाने लगी समस्या
जांजगीर-चांपा जिले के करमंदा गांव में संचालित क्रेशर एवं चूना पत्थर खदानों को रायपुर एवं स्थानीय खनिज विभाग की टीम ने सील कर दिया है, जिससे जहां क्रेशर संचालकों में हड़क़ंप मच गया है, वही एकाएक खदानें सील हो जाने से लगभग 200 मजदूर परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। जो अब काम के अभाव में बेरोजगार हो गए हैं।
जांजगीर चांपा जिले में वैसे तो अकलतरा, तरौद, बिरगहनी, किरारी बनाहिल, कचंदा, करमंदी, बिर्रा, शिवरीनारायण आदि स्थानों में पत्थर खदानें संचालित हो रही है। वहीं अधिकतर इन जगहों पर क्रशर उद्योग भी लगाए गए हैं, जहां पत्थर उत्खनन कर लोगों द्वारा गिट्टी बेचने का काम किया जाता है, लेकिन केवल करमंदा ग्राम पंचायत अंतर्गत संचालित क्रेशर एवं खदानों को खनिज विभाग ने लक्ष्य बनाते हुए विभागीय कार्रवाई की है। यह सभी खदानें एवं क्रशर करमंदा क्षेत्र में वैध रूप से संचालित हो रही थी तथा यहां चूना पत्थर का उत्खनन हो रहा था, जिसे खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा नियमों के विरुद्ध खनन कार्य किए जाने का हवाला देते हुए लगभग 10 क्रशर उद्योग एवं खदानों को सील कर दिया गया है।
अधिकारियों ने इन खदानों में नियमों के विरुद्ध खनन होने की बातें कहते हुए उक्त कार्रवाई की है। खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा इन खदानों में अनुबंध से अधिक रकबा में खनन, सूचक बोर्ड नहीं लगाना, उत्खनन क्षेत्र आदि में पानी का छिडक़ाव नहीं करने तथा इस क्षेत्र में वृक्षारोपण नहीं किए जाने का हवाला देते हुए कार्रवाई की गई है। इस कार्यवाही में खनिज विभाग रायपुर एवं जांजगीर चांपा जिले के अधिकारियों की संयुक्त टीम की भूमिका रही है।
