
रायपुर: 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में वित्त मंत्री ओपी चौधरी बोले—MSME से मजबूत होगी विकसित छत्तीसगढ़ की राहरायपुर। राजधानी के साइंस कॉलेज परिसर में आयोजित 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि लघु उद्योगों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) को मजबूत बनाकर छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ कदमताल करता हुआ विकसित छत्तीसगढ़ बनाना है। MSME, स्टार्टअप और निवेश पर जोरवित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में MSME, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुसार छोटे उद्योग स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने के साथ-साथ सप्लाई चेन को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तैयार किया जा रहा अंजोर विजन डॉक्यूमेंटओपी चौधरी ने बताया कि विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के लिए ‘अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया गया है। इसमें वर्ष 2047 के दीर्घकालिक लक्ष्य के साथ 2030 और 2035 के मध्यकालिक लक्ष्यों को भी शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा अल्पकालिक और वार्षिक लक्ष्यों पर भी काम किया जा रहा है। रोजगार के लिए मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा जरूरीवित्त मंत्री ने कहा कि देश में सर्विस सेक्टर का विस्तार हुआ है, लेकिन बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र, खासकर श्रम आधारित उद्योगों को गति देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग और MSME इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। निवेश के अनुकूल माहौल बनाने पर जोरचौधरी ने आर्थिक विकास के लिए दीर्घकालिक सोच और नीतिगत सुधारों को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और औद्योगिक क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्योग जगत और उद्यमियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।





