
भक्ति, आस्था और समर्पण की कहानी ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास।

नीम करौली बाबा की जीवनगाथा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर सफलता का नया अध्याय लिख रही है। महज करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस आध्यात्मिक फिल्म ने दर्शकों के दिलों में ऐसी जगह बनाई कि बड़े बजट की फिल्मों के बीच भी इसकी चर्चा जोर-शोर से हो रही है। फिल्म भारत में 100 करोड़ रुपये से अधिक का नेट कलेक्शन कर चुकी है और इसकी रफ्तार लगातार बनी हुई है।
फिल्म से ज्यादा चर्चा निर्देशक के समर्पण की
‘हनुमान अंश’ के लेखक, निर्देशक और निर्माता डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म के निर्माण को सिर्फ एक सिनेमाई प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि आस्था और साधना से जुड़ा अनुभव बनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने फिल्म के निर्देशन की कोई फीस नहीं ली।
यही नहीं, फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट का माहौल भी पूरी तरह आध्यात्मिक रखा गया। पूरा सेट शाकाहारी था और रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता था। निर्देशक ने यह भी बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले उन्होंने करीब 4.5 महीने तक फलाहार किया।
धीमी शुरुआत से बॉक्स ऑफिस पर तूफानी सफर
7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘हनुमान अंश’ ने शुरुआत में अपेक्षाकृत धीमी रफ्तार पकड़ी, लेकिन दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और मजबूत वर्ड-ऑफ-माउथ के चलते फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल आया।
नीम करौली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक दर्शन से प्रेरित यह फिल्म अब केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भक्ति, विश्वास और समर्पण की सिनेमाई यात्रा बनकर दर्शकों के बीच अपनी पहचान बना रही है।
‘हनुमान अंश’ की सफलता यह संदेश दे रही है कि जब कहानी में आस्था हो, निर्माण में समर्पण हो और दर्शकों का विश्वास जुड़ जाए, तो छोटा बजट भी बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकता है।





