
तहसीलदार से हुई चर्चा, समस्याओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने का मिला आश्वासन
कोरबा। दशकों पहले अधिग्रहित की गई जमीन के बदले रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास की मांग पूरी नहीं होने से नाराज एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना प्रभावित ग्रामीण सोमवार को सड़क पर उतर आए। ग्राम जटराज (चंदननगर) के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने दर्री तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सरकारी अवकाश के बावजूद ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही दर्री थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर बनाए रखी। बाद में तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा की और उनकी मांगों को सुना।
ग्रामीणों का कहना है कि कुसमुंडा परियोजना के विस्तार के लिए वर्ष 1979, 1983, 1984 और 2010 में उनकी भूमि अधिग्रहित की गई थी। उस समय प्रभावित परिवारों को रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज भी कई परिवार इन अधिकारों से वंचित हैं। बार-बार आवेदन और शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हाल ही में भूमि और परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में अनियमितताएं बरती गई हैं। ड्रोन सर्वे के आधार पर आकलन किया गया, जबकि प्रभावित परिवारों और समिति के सदस्यों को प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। कई लोगों को सर्वे और मापन से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा 30 जून तक 50 प्रतिशत मुआवजा लेने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि पुनर्वास स्थल पर सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। बरसात के मौसम में असुरक्षित और कटाव प्रभावित भूमि पर मकान निर्माण के लिए कहा जा रहा है, जिससे भविष्य में गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
तहसीलदार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और शिकायतों से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मौके पर किसी प्रकार का निर्णय लेने का अधिकार उनके पास नहीं है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे तथा एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।
