Home / Uncategorized / कोरबा में कथा के पहले दिन धीरेंद्र शास्त्री ने कहा किहिंदुओं का धर्मांतरण अब नहीं होगा.

कोरबा में कथा के पहले दिन धीरेंद्र शास्त्री ने कहा किहिंदुओं का धर्मांतरण अब नहीं होगा.

 

धर्मांतरित लोगों को कोरबा से धीरेंद्र शास्त्री का संदेश 

कोरबा: बागेश्वर धाम सरकार, धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा कोरबा में शुरू हो चुकी है. 28 मार्च की शाम को वह कोरबा पहुंचे. इसके पहले वह रायगढ़ के ओपी जिंदल एयरपोर्ट पर हवाई मार्ग से पहुंचे थे. यहां से वह कथा स्थल गांव ढप-ढप पहुंचे. जहां पांच दिवसीय हनुमंत कथा आरंभ हुई. पहले ही दिन धीरेंद्र शास्त्री ने अपने चिर परिचित अंदाज में हिंदुओं के धर्मांतरण, उनके घर वापसी की बातें कहीं.

मंच से अपील करते हुए कहा कि कोरबा, बिलासपुर, जशपुर और आसपास जिलों में जिनका धर्मांतरण हुआ है, उनके लिए घर वापसी का यह सबसे अच्छा मौका है. चुटीले अंदाज में कहा कि वेलकम टू माय स्टेज माय डियर. यह भी कहा कि अब किसी हिन्दू का धर्मांतरण नहीं होगा.

कोरबा से धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, कहा- घर वापसी का ये सही मौका 

‘छुरी का नाम सुन डरे’

धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनने के लिए हजारों की तादाद में लोग कथा स्थल पर जुटे हुए थे. लोगों की काफी भीड़ लग गई थी. धीरेंद्र शास्त्री जैसे ही मंच पर पहुंचे लोग बेहद उत्साहित दिखे. उनके बोलने के अंदाज के कारण ही अधिक भीड़ जुटती है. धीरेंद्र शास्त्री ने कथा की शुरुआत की और कहा कि पहले हम रायगढ़ पहुंचे और सोचा कि एक घंटे में कथा स्थल पहुंच जाएंगे. लेकिन साढ़े 3 घंटे लग गए.

आगे बागेश्वर बाबा ने कहा कि इस दौरान रास्ते भर बागेश्वर धाम सरकार के पागल मिले. जिनसे काफी स्नेह मिला. रास्ते भर लोग फूल माल लेकर खड़े थे. एक स्थान पर हम पहुंचे तो किसी ने कहा छुरी, हमने कहा हमारी तो शादी भी नहीं हुई है और छुरी? फिर बाद में पता चला कि गांव का नाम ही छुरी है.

कोरबा में कथा के पहले दिन धीरेंद्र शास्त्री 

कोरबा से मिलती है बिजली

धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि कथा स्थल वाले गांव का नाम ढपढप बहुत बढ़िया है. आगे उन्होंने कहा कि कोरबा पहली बार आया हूं. लेकिन इसी कोरबा से जो कोयल निकलता है. उससे हमारे मध्य प्रदेश को भी बिजली मिलती हैं. यहां से कोयला ना मिले तो अंधेरा हो जाएगा. कोरबा से ही उजाला मिलता है, यहां से इंधन मिलता है.

हनुमंत कथा का आयोजन अपना घर आश्रम के माध्यम से किया जा रहा 

प्रभु श्री नाम के नाते हम आपके भांजे

कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारा आना-जाना लगा रहता है और प्रभु श्री राम और चंदखुरी वाली माता कौशल्या के नाते हम आपके भांजे लगेंगे. छत्तीसगढ़ से हमारा गहरा नाता है और छत्तीसगढ़ बेहद खूबसूरत जगह है. जहां के लोगों में काफी आस्था है.

चुटीले अंदाज में कहा कि वेलकम टू माय स्टेज माय डियर. 

हालेउल्लाह(हालेलुया) वालों की ठठरी मारी जाएगी

धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अब किसी हिंदू का धर्मांतरण नहीं होगा और हमने तो सुना है कि यहां हालेलुया वालों की संख्या बहुत है. हम 5 दिन तक यहां रहेंगे, 1 अप्रैल तक यहां हैं. इस दौरान उनकी ठठरी मारी जाएगी और जिनको घर वापसी करनी है. उनके लिए यह सबसे अच्छा मौका है. हमारे पास चले आएं.

धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनने के लिए हजारों की तादाद में लोग कथा स्थल पर जुटे 

इस हनुमंत कथा का आयोजन अपना घर आश्रम के माध्यम से किया जा रहा है. अपना घर सेवा आश्रम अनाथ और मानसिक तौर पर कमजोर लोगों के लिए एक अनाथ आश्रम की तरह है. धीरेंद्र शास्त्री ने इसके संस्थापक और संचालक राणा की तारीफ की और कहा कि दोनों पति पत्नी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *