Home / रायगढ़ / रिसर्च टीम पर मधुमक्खियों का हमला: 5 हजार साल पुराने शैलचित्रों की स्टडी करने पहुंची थी, गुफा में मचा हड़कंप, 4 शोधकर्ता गंभीर

रिसर्च टीम पर मधुमक्खियों का हमला: 5 हजार साल पुराने शैलचित्रों की स्टडी करने पहुंची थी, गुफा में मचा हड़कंप, 4 शोधकर्ता गंभीर

  :5 हजार साल पुराने शैलचित्रों का अध्ययन करने पहुंची रविशंकर यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में चार शोधकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक वनकर्मी के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मामला रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक राजधानी रायपुर से रविशंकर यूनिवर्सिटी की पांच सदस्यीय रिसर्च टीम पिछले तीन दिनों से रायगढ़ जिले के प्राचीन गुफाओं, शैलचित्रों और पुरातात्विक स्थलों का अध्ययन कर रही थी। शनिवार सुबह टीम वन विभाग के कर्मचारियों के साथ ऐतिहासिक सिंघनपुर गुफा पहुंची थी। टीम में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे।

बताया जा रहा है कि रिसर्च टीम गुफा के भीतर मौजूद प्राचीन शैलचित्रों का निरीक्षण कर रही थी, तभी अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले के बाद मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और टीम के सदस्य जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

दुर्गम पहाड़ी रास्ते से किया गया रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही भूपदेवपुर पुलिस, वन विभाग और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से घायलों को गुफा क्षेत्र से बाहर निकाला गया। दुर्गम पहाड़ी रास्तों के कारण राहत एवं बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा। टीम ने स्ट्रेचर के सहारे घायलों को नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया। सभी घायलों को ओपी फोर्टिस जिंदल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों में ब्रम्हानंद धृतलहरे, स्मृद्धि, भाग्यश्री, सुमन, निहारिका और गितेश्वर पटेल शामिल हैं।

ऐतिहासिक धरोहर है सिंघनपुर गुफा

सिंघनपुर गुफा रायगढ़ जिले का एक प्रमुख पुरातात्विक स्थल माना जाता है। यहां प्राचीन मानव सभ्यता से जुड़े हजारों वर्ष पुराने शैलचित्र मौजूद हैं, जिनका अध्ययन करने देशभर से शोधकर्ता पहुंचते हैं। यह गुफा ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *