
कोरबा: हसदेव डुबान में जाल निकालने उतरा युवक डूबा, 36 घंटे बाद मिला शवकोरबा/कोरबी-चोटिया। हसदेव नदी के डुबान क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए लगाया गया जाल निकालने उतरे 33 वर्षीय युवक की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। करीब 36 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने नदी से युवक का शव बरामद किया। घटना से गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, कोरबी चौकी क्षेत्र के ग्राम गडरा के पठान घाट में रहने वाले शंभूलाल सिदार (33), पिता स्वर्गीय स्वयंवर सिदार, 16 सितंबर को हसदेव नदी के डुबान क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए लगाया गया जाल निकालने गए थे। जाल निकालने के दौरान वह अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए और पानी में डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और आसपास के लोगों ने युवक की तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम को बुलाकर नदी में सघन रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। स्टीमर की मदद से चला सर्च अभियानहसदेव नदी में पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टीम ने स्टीमर की मदद से नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की, जबकि गोताखोरों ने संभावित स्थानों पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 36 घंटे की लगातार तलाश के बाद शंभूलाल सिदार का शव नदी से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिवार में मातमयुवक का शव मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में मातम पसर गया। परिजन लंबे समय से उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।पुलिस ने शव बरामद करने के बाद पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम कराया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। डुबान क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताहसदेव नदी के डुबान क्षेत्र में गहरे पानी और तेज बहाव के कारण लगातार खतरा बना रहता है। इस घटना ने एक बार फिर नदी में मछली पकड़ने और जाल निकालने के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।





