
रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी को रामअवतार जग्गी हत्याकांड में निचली अदालत से जमानत मिल गई है। न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत में अमित जोगी ने 50-50 हजार रुपये के दो बॉन्ड और जमानत के पट्टे पेश किए, जिन्हें स्वीकार करते हुए अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।यह मामला 4 जून 2003 को हुई रामअवतार जग्गी की हत्या से जुड़ा है।
कुल 31 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें से 28 को सजा सुनाई गई। अमित जोगी को 2007 में निचली अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। जग्गी परिवार द्वारा फैसले को चुनौती देने के बाद यह मामला लंबे समय तक कानूनी लड़ाई में रहा।हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील में हुई देरी को माफ करते हुए मामले की दोबारा सुनवाई का रास्ता साफ किया। अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट अप्रैल में इस मामले में अंतिम सुनवाई करेगा।जमानत मिलने के बाद अमित जोगी ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि सत्य की जीत होगी। मुझे पहले ही साक्ष्यों के अभाव में बरी किया जा चुका है और न्याय की प्रक्रिया में निष्पक्ष निर्णय होगा।”प्रदेश की सियासत में अमित जोगी के राजनीतिक भविष्य पर इस मामले की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। उनके समर्थक इसे न्याय की जीत और उनके राजनीतिक करियर के लिए सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
