
दर्री थाना पुलिस ने मारपीट, गाली-गलौज और तोड़फोड़ के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं लोहे की रॉड भी बरामद की गई है।
पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 20 मई 2026 को प्रार्थी रविंद्र कुमार चौहान ने थाना दर्री में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 19 मई की रात करीब 8:30 बजे वह एमसीसी 10 नंबर क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान भवानी नामक युवक एक युवती को नशे की हालत में प्रतिबंधित क्षेत्र में लेकर आया था। दोनों के बीच विवाद और झगड़ा हो रहा था। प्रार्थी द्वारा उन्हें वहां से जाने के लिए कहने पर आरोपी नाराज हो गया और कुछ देर बाद अपने भाई को साथ लेकर वापस आया।
आरोपियों ने प्रार्थी के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की तथा उसकी मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ कर दी। शिकायत के आधार पर थाना दर्री में अपराध क्रमांक 166/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितिश कुमार ठाकुर एवं नगर पुलिस अधीक्षक विमल कुमार पाठक के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार सिंह के नेतृत्व में आरोपियों की तलाश की जा रही थी। जांच के दौरान पता चला कि दोनों आरोपी जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खेजा में छिपे हुए हैं।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर भवानी प्रसाद वैष्णव (21 वर्ष) एवं देवी प्रसाद वैष्णव (24 वर्ष) निवासी तुलसीनगर, दर्री को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लोहे की रॉड जब्त कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में निरीक्षक आशीष कुमार सिंह, सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार तांडी, सैनिक रामलाल यादव एवं हिमांशु तिवारी की सराहनीय भूमिका रही।
