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अवैध ओनरेक्स कफ सिरप तस्करी मामले में तीन दोषियों को 14-14 साल की सजा, 1.50 लाख रुपये जुर्माना

 24 जून 2026।पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना और प्रभावी कार्रवाई के चलते अवैध कोडिन युक्त ओनरेक्स कफ सिरप की तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है। माननीय न्यायालय ने तीनों दोषियों को 14-14 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1.50-1.50 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।

यह सफलता तत्कालीन थाना प्रभारी सारागांव निरीक्षक सावन कुमार सारथी की सटीक कार्रवाई,  और मजबूत साक्ष्य संकलन का परिणाम मानी जा रही है।

हाईवे पर घेराबंदी कर पकड़ा गया था गिरोह

पुलिस के अनुसार 2 सितंबर 2024 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ युवक मोटरसाइकिल में अवैध कोडिन युक्त ओनरेक्स कफ सिरप लेकर सारागांव हाईवे क्षेत्र में ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही निरीक्षक सावन कुमार सारथी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

ये थे आरोपी

भीमेश्वर उर्फ भोलू यादव, निवासी वार्ड क्रमांक 13, सक्ती

सुशील यादव, निवासी वार्ड क्रमांक 13, सक्ती

रितेशपुरी गोस्वामी उर्फ गोलू (22 वर्ष), निवासी कांदानारा, थाना सक्ती

बरामद हुआ था नशीला पदार्थ

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 42 नग कोडिन युक्त ओनरेक्स कफ सिरप, एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (CG-11-BM-0443) तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया था। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 10 हजार रुपये आंकी गई थी।

मजबूत विवेचना बनी सजा का आधार

मामले में थाना सारागांव में अपराध क्रमांक 176/2024 के तहत धारा 21(सी) एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया था। आरोपियों को 3 सितंबर 2024 को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में मजबूत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।

न्यायालय ने सुनाया कड़ा फैसला

प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पुलिस विवेचना से संतुष्ट होकर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 14 वर्ष के सश्रम कारावास और 1.50 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

नशे के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस

 नशे का कारोबार युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा पुलिस अपराधियों को पकड़ने के साथ-साथ उन्हें न्यायालय से सजा दिलाने तक पूरी मजबूती से कार्रवाई करती है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह फैसला नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के लिए कड़ा संदेश है तथा भविष्य में इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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