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वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए ITR फाइल करना कब है अनिवार्य ? सीए करण रोहरा ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

कोरबा। आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में वेतनभोगी कर्मचारियों के बीच यह जानना बेहद जरूरी है कि किन परिस्थितियों में ITR फाइल करना अनिवार्य होता है। कर सलाहकार सीए करण रोहरा ने बताया कि कई लोग केवल टैक्स कटने पर ही ITR भरने की सोचते हैं, जबकि आयकर नियमों के अनुसार कई अन्य स्थितियों में भी रिटर्न दाखिल करना आवश्यक होता है।सीए करण रोहरा के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुल आय निर्धारित कर-मुक्त सीमा से अधिक है, वह TDS का रिफंड लेना चाहता है, उसे कैपिटल गेन, क्रिप्टो, लॉटरी या अन्य विशेष आय हुई है, विदेश में संपत्ति या आय है, वह किसी कंपनी का डायरेक्टर रहा है, अनलिस्टेड शेयरों में निवेश किया है या हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन किए हैं, तो उसे ITR अवश्य दाखिल करना चाहिए। इसके अलावा, भविष्य में कैपिटल लॉस का लाभ लेने के लिए भी समय पर ITR फाइल करना जरूरी होता है।उन्होंने बताया कि ITR फाइल करने के कई फायदे हैं। इससे TDS रिफंड आसानी से प्राप्त किया जा सकता है, आय का आधिकारिक प्रमाण मिलता है, बैंक लोन एवं वीजा प्रक्रिया आसान होती है, वित्तीय रिकॉर्ड मजबूत रहता है तथा नियमों का पालन करने से अनावश्यक नोटिस और पेनाल्टी की संभावना भी कम हो जाती है।ITR दाखिल करने के लिए PAN कार्ड, आधार कार्ड, फॉर्म-16, AIS एवं फॉर्म 26AS, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र, निवेश संबंधी दस्तावेज, कैपिटल गेन स्टेटमेंट एवं होम लोन सर्टिफिकेट (यदि लागू हो) जैसे दस्तावेज तैयार रखना चाहिए।सीए करण रोहरा ने कहा कि भले ही कुछ लोगों के लिए ITR दाखिल करना कानूनी रूप से अनिवार्य न हो, फिर भी हर वर्ष समय पर रिटर्न दाखिल करना एक अच्छी वित्तीय आदत है, जो भविष्य में विभिन्न सरकारी एवं बैंकिंग कार्यों में काफी लाभदायक साबित होती है।

Contact – CA Karan Rohra +91 99772 55997

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