
कोरबा। कोरबा जिले के कनकी-तरदा मार्ग पर अवैध रूप से राखड़ (फ्लाई ऐश) डंपिंग का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। सड़क किनारे ही नहीं बल्कि कई जगहों पर सीधे सड़क पर राखड़ गिराए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर इस पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार, यह अवैध डंपिंग लंबे समय से जारी है और कई बार राखड़ का उपयोग सड़क किनारे फिलिंग के नाम पर किया जा रहा है। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि सड़क पर फैली राखड़ के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। तेज हवा या भारी वाहनों के गुजरने पर राखड़ उड़कर वातावरण में फैल जाती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को सांस लेने में परेशानी होती है।

यह मार्ग बिलासपुर और रायपुर जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है, साथ ही आसपास के कई गांवों के लिए मुख्य आवागमन का रास्ता भी है, जहां पहले से ही भारी वाहनों का दबाव बना रहता है।ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि आखिर इस मार्ग पर राखड़ डंप करने की अनुमति किसने दी और जिन जमीनों पर यह डंपिंग की जा रही है, उनका स्वामित्व किसके पास है। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि कई बार विरोध और शिकायत के बावजूद जिम्मेदार लोग अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहे हैं।ग्राम सरपंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण मजबूर होकर उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
