
कोरबा। कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम छुरी स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी छात्रावास का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि जिले के पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक से एक और चौंकाने वाली घटना सामने आ गई, जहां एक सरकारी हॉस्टल की 5 छात्राओं ने फिनाइल पी लिया। घटना की जानकारी मिलते ही हॉस्टल परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सभी छात्राओं को नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई और परिजन अपने साथ ले गए।सूत्रों के अनुसार यह मामला पोड़ी बीईओ कार्यालय के सामने स्थित एकलव्य छात्रावास का है और घटना 25 मार्च 2026 की बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि हॉस्टल में मोबाइल चलाने को लेकर एक ही कक्षा की 5 छात्राओं के बीच विवाद शुरू हुआ था। एक छात्रा को मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर उसे डांटा गया, तो उसने अन्य छात्राओं का नाम लिया, जिससे आपसी बहस बढ़ गई और मामला झगड़े तक पहुंच गया।कुछ ही देर में गुस्से और आपसी तनाव में आकर इन छात्राओं ने बेहद खतरनाक कदम उठाते हुए फिनाइल का सेवन कर लिया। घटना के तुरंत बाद हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई और स्टाफ द्वारा छात्राओं को उल्टी कराने की कोशिश की गई। दो छात्राओं की हालत सामान्य होने पर उन्हें वहीं छोड़ दिया गया, जबकि तीन छात्राओं को शाम करीब 7 बजे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां रात भर निगरानी में रखा गया।अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, दूसरे दिन सभी छात्राओं की हालत में सुधार होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजन अस्पताल पहुंचे और छात्राओं को अपने साथ घर ले गए। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले को दबाने की भी कोशिश की गई, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।इस घटना ने एक बार फिर छात्रावासों में बच्चों की निगरानी, अनुशासन और मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी
