
कोरबा। जरहाजेल से विस्थापित परिवार को नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत बरमपुर के आजाद नगर में बसाया गया था। जिनकी जमीन एसईसीएल द्वारा अधिग्रहण के बाद उन्हें बसाया गया था। उन्हें सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पुन: बेदखल करने का आदेश जारी किया गया है, जिससे वहां निवासरत विस्थापित परिवार भयभीत हैं। किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा के नेतृत्व में बेदखली आदेश से प्रभावित जरहाजेल के विस्थापितों ने दर्री तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए बेदखली से पहले बसावट की व्यवस्था की मांग की है।
संयुक्त सचिव श्री झा ने कहा कि जरहाजेल से विस्थापित परिवार को बरमपुर के आजाद नगर के पास बसाया गया था। अब उन्हें सड़क चौड़ीकरण के नाम से पुन: 46 वर्षो के बाद बेदखल करने के आदेश से एसईसीएल और जिला प्रशासन का अमानवीय चेहरा सामने आया है।किसान सभा ने बेदखली आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए किसी को भी हटाने से पूर्व उन्हें बसावट की सुविधा व बने हुए मकानों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस संबंध मे जिला प्रशासन को भी पत्र लिखकर आवश्यक पहल करने की मांग की है। जरहाजेल के विस्थापित किसान इंद्रप्रकाश कैवर्त और घासीराम कैवर्त ने बताया कि जरहाजेल गांव का अधिग्रहण एसईसीएल द्वारा किया गया था। आज भी जरहाजेल के विस्थापित किसान रोजगार और बसावट से वंचित हैं। 46 साल के बाद बिना बसावट की व्यवस्था किए बगैर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है जिसका वे विरोध करते हैं। किसान सभा ने कहा कि जबरन बेदखल करने की कोशिश की गई तो सड़क पर उतर कर विरोध किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान
