
कोरबा। जंगल से भटककर पानी की तलाश मे एक चीतल आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। वह पानी पीकर जंगल के भीतर जाता, इससे पहले ही कुत्तों ने दौड़ाना शुरू कर दिया। करीब तीन किलोमीटर तक पीछा करने के बाद कुत्तों ने उसे घेरकर नोंचना शुरू कर दिया। कुत्तों के हमले से घायल चीतल की इलाज के दौरान मौत हो गई। वन विभाग ने वैधानिक कार्रवाई उपरांत मृत चीतल का अंतिम संस्कार किया।
घटना कोरबा वनमंडल के करतला वन परिक्षेत्र अंतर्गत बरपाली सर्किल के पुरेना गांव की है। बताया जा रहा है कि करीब चार वर्षीय चीतल पानी की तलाश में मड़वारानी पहाड़ी के समीप तालाब पहुंचा था। वह तालाब से पानी पीकर जंगल की ओर जा रहा था। इसी दौरान कुत्तों की नजर उस पर पड़ गई। कुत्तों ने चीतल को दौड़ाना शुरू कर दिया। वह भागते हुए बस्ती के समीप जा पहुंचा, जहां कुत्तों ने घेरकर चीतल पर हमला कर दिया। जिसकी जानकारी चौकीदार बुधराम को मिली। उसने किसी तरह कुत्तों को खदेड़ने में सफलता पाई, तब तक चीतल घायल हो चुका था। उसे इलाज के लिए सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी बरपाली के पास ले जाया गया। पशु चिकित्सक चीतल का उपचार कर रहे थे। इस बीच उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंचे वन अमले ने ग्रामीणों की मौजूदगी में वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई। तत्पश्चात मृत चीतल का अंतिम संस्कार किया गया। वन विभाग की मानें तो यह साल की पहली घटना है। इससे पहले मड़वारानी क्षेत्र में कुत्तों के हमले से पांच छह चीतलों की मौत होती थी। जंगल के भीतर पानी की व्यवस्था होने से वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्र में कम ही पहुंच रहे हैं।
